शिमला मिर्च के अनोखे(Best)फायदे जानकर लोग हुए हैरान

शिमला मिर्च(Capsicum) का परिभाषा

भारत में शिमला मिर्च को एक सब्जी की प्रजाति मानी जाती है | इसका प्रयोग हम साक सब्जी के और सलाद के रूप में करते है | In English , It is called Capsicum or pappar .यह सब्जी सबसे ज्यादा दक्षिण-अमेरिका महाद्वीप में पायी जाती है | वैज्ञानिको का मत है की ये शिमला मिर्च सब्जी की खेती वहां लगभग 3000 सालो से की जाती रही है | Shimla mirch का उपयोग हम शाक -सब्जी , सलाद , और आजकल फ़ास्ट फ़ूड में भी इसका Use होता है | बाजार में यह लाल, हरी व पीले रंग की प्राप्त की जाती है | सभी शिमला मिर्च में विटामिन-C , विटामिन-A और Beeta कैरोटीन आदि बिटमिंस से भरपूर रहता है | यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होती है और इसमें कैलोरी भी कम पायी जाती है | यह वजन को भी बराबर बनाये रखता है |

शिमला मिर्च में पाए जाने वाले कुछ पोषक – तत्व की टेबल

शिमला मिर्च में पाए जाने वाले कुछ पोषक तत्व और उनमे पाए जाने वाले बिटमिंस निम्न सरणी में है |

पोषक तत्व100 ग्राम वैल्यू
एनर्जी (Kcal/K)26/111
कुल कार्बोहाइड्रेट6.03 ग्राम
डाइटरी फाइबर2.1 ग्राम
प्रोटीन0.99 ग्राम
कुल फैट0.30 ग्राम
कैल्शियम7 मिलीग्राम
मैग्नीशियम12 मिलीग्राम
फास्फोरस26 मिलीग्राम
पोटैशियम718 मिलीग्राम
सोडियम4 मिलीग्राम
विटामिन C127.7 मिलीग्राम
नियासिन0.9 मिलीग्राम
पायरिडोक्सिन0.29 मिलीग्राम
विटामिन A3131 इंटरनेशनल यूनिट
विटामिन K4.9 माइक्रोग्राम
विटामिन E1.58 मिलीग्राम
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Shimla Mirch in English

In English , It is called Capsicum or pappar .

काली मिर्च के बारे में लाभकारी जानकारी

शिमला मिर्च में मिलने वाले कुछ महत्वपूर्ण गुण :

Shimla Mirch में मिलने वाले कुछ महत्वपूर्ण गुण कुछ इसप्रकार है –

  • इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है।
  • यह एंटीफंगल में फायदा करता है |
  • शिमला में एंटी-इंफ्लेमेटरी भी पाए जाते हैं।
  • इसमें एंटी-डायबिटिक क्षमता होती है।
  • इससे एंटी-कैंसर का पता चल सकता है।
  • इसके प्रयोग से एलर्जी होने की संभावना का होती है ।
  • यह एक न्यूरोप्रोटेक्टिव हो होता है जो कोशिकाओं को मेंटेन रखता है |
  • इसको खाने से इम्युनिटी भी सही रहती है |

शिमला मिर्च शाक सब्जी के कुछ अन्य उपयोग

शिमला मिर्च खाने से आपके गठिया और आंतो में सूजन जैसे समस्या से भी हल निकल सकता है क्योकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी पाया जाता है।

  • ये पीलिया जैसे बुखार में लगकारी होता है |
  • इसके उपयोग से पेचिश और दस्त में राहत मिलती है ।
  • इसके सेवन से आपका इम्यून सिस्टम बढ़िया रहता है।
  • ये तनाव जैसे में भी राहत दे सकता है ।
  • ये मोतियाबिंद से राहत दे सकता है ।
  • इसकी मदद से वजन भी कम किया जा सकता है |

यह सरीर के लिए काफी उपयोगी सब्जियों में से एक होता है |

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आप शिमला मिर्च का अच्छे से इस्तेमाल कैसे करें?

इसके उपयोग के तरीकों निम्न है —
Shimla mirch (capsicum) खाना के साथ सलाद के रूप में और पास्ता , चाउमीन , बर्गेर ,पिज़्ज़ा और लगभग बहुत सारे फ़ास्ट फ़ूड में इसका इस्तेमाल किया जाता है | इसका आप अन्य रूप से उपयोग सब्जियों के रूप में किया जाता है | इसकी सब्जी मिक्स और सिंगल दोनों प्रकार की सब्जी बनायीं जा सकती है जो आपको पसंद आये आप खा बनाकर चेक करे |

शिमला मिर्च के कुछ महत्वपूर्ण बातें :

शिमला मिर्च के कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्न है –

  • इसके ज्यादा प्रयोग से एलर्जिक रिएक्शन होने का चांस हो सकता है।
  • इसके ज़्यादा मात्रा प्रयोग से पेट में दर्द और गैस होने की संभावना बढ़ सकती है |
  • शिमला मिर्च से आपको पसीना बहुत आ सकता है |

शिमला मिर्च को कैसे चुनें और इसको स्टोर कैसे करें

शिमला मिर्च को चुनते समय, ऐसे फलों की तलाश करें जो सख्त और चमकदार रंग के हों। ऐसे फलों से बचें जो नरम, व सुस्के हुए हो । Shimla Mirch को रेफ्रिजरेटर में 5 दिनों तक स्टोर किया जा सकता है।

शिमला मिर्च को कैसे तैयार करें

शिमला मिर्च को कच्चा, पकाकर या भूनकर खाया जा सकता है। इसको कच्चा भी खाया जाता है, तो इसका का स्वाद थोड़ा मीठा और कुरकुरे होता है। इसे सलाद, सैंडविच या रैप्स में जोड़ा जा सकता है। Shimla mirch को कई तरह से भी पकाया जा सकता है, जैसे स्टर-फ्राइंग, रोस्टिंग या ग्रिलिंग। यह करी, सूप और स्ट्यू के लिए एक स्वादिष्ट जोड़ है।

अपने खाना पकाने में शिमला मिर्च का उपयोग कैसे करें, इसके लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:
• इसे सलाद में डालें: Shimla mirch सलाद में रंग और स्वाद का तड़का लगाती है। इसे सीज़र सलाद, कॉब सलाद या ग्रीक सलाद में मिला कर देखें।
स्टिर-फ्राई बनाएं: शिमला मिर्च स्टर-फ्राई के लिए एक बढ़िया अतिरिक्त है। इसे प्याज, गाजर और मिर्च जैसी अन्य सब्जियों के साथ स्टर फ्राई करने की कोशिश करें।
भुनें: Shimla मिर्च को भूनने से इसकी प्राकृतिक मिठास बाहर आ जाती है। इसे टमाटर और प्याज जैसी अन्य सब्जियों के साथ भूनने की कोशिश करें।
ग्रिल करें: ग्रिल्ड Capsicum एक स्वादिष्ट और सेहतमंद नाश्ता है। इसे थोड़े जैतून के तेल और नमक और काली मिर्च के साथ ग्रिल करने की कोशिश करें।

निष्कर्ष

शिमला मिर्च को एक बहुमुखी और पौष्टिक सब्जी है जिसका कई अलग-अलग तरीकों से आनंद लिया जा सकता है। यह विटामिन- A, विटामिन-C और के के साथ-साथ फाइबर का भी अच्छा स्रोत है। शिमला मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। यदि आप अपने आहार में अधिक सब्जियां शामिल करने के लिए स्वस्थ और स्वादिष्ट तरीके की तलाश कर रहे हैं, तो शिमला मिर्च एक बढ़िया विकल्प है।

शिमला मिर्च के बीज के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें:

1.शिमला मिर्च के बीज छोटे और काले होते हैं। वे चावल के दाने के आकार के बारे में हैं।
2.Shimla mirch के बीज आमतौर पर आखिरी वसंत ठंढ की तारीख से लगभग 8-10 सप्ताह पहले घर के अंदर बोए जाते हैं। इससे पौधों को खुले में रोपने से पहले मजबूत होने का समय मिल जाता है।
3.शिमला मिर्च के बीजों को अंकुरित होने के लिए गर्म मिट्टी की जरूरत होती है। आदर्श अंकुरण तापमान 70-80 डिग्री फ़ारेनहाइट है।
4.Shimla mirch के बीजों को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगभग 1/2 इंच गहरा लगाया जाना चाहिए। उन्हें लगभग 6 इंच अलग रखा जाना चाहिए।
5.शिमला मिर्च के बीज लगभग 7-10 दिनों में अंकुरित हो जाएंगे। एक बार अंकुर उभरने के बाद, उन्हें लगभग 18 इंच तक पतला कर देना चाहिए।
6.Shimla mirch के पौधों को पूर्ण सूर्य और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। उन्हें नियमित रूप से पानी पिलाया जाना चाहिए, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं।
7.शिमला मिर्च के पौधे रोपाई के लगभग 60-70 दिन बाद फल देने लगेंगे। जब फल सख्त और चमकीले रंग के होंगे तो वे कटाई के लिए तैयार होंगे।

बीजों से शिमला मिर्च उगाने के कुछ अतिरिक्त सुझाव इस प्रकार हैं:

  • अपने बीजों को गर्म, धूप वाले स्थान पर घर के अंदर शुरू करें।
  • शिमला मिर्च की खेती के लिए एक अच्छी तरह से जल निकासी का प्रयोग करें।
  • मिट्टी को नम रखें लेकिन उमस भरी नहीं।
  • एक संतुलित उर्वरक के साथ हर 2-3 सप्ताह में पौधों को खाद दें।
  • बाहर रोपने से पहले पौधों को कड़ा कर दें।
  • इसके पौधों को नियमित रूप से पानी देना चाहिए गर्मी में तो जरूर |
  • Shimla mirch के पौधे में हर 4-6 सप्ताह में खाद डालें
  • पौधों को कीटों और बीमारियों से बचाएं।
  • थोड़ी सी देखभाल और ध्यान से आप आसानी से बीज से शिमला मिर्च उगा सकते हैं। ये स्वादिष्ट और बहुमुखी सब्जियां किसी भी बगीचे के लिए एक बढ़िया अतिरिक्त हैं।

FAQ

शिमला मिर्च खाने से क्या लाभ होता है?

ये पीलिया जैसे बुखार में लगकारी होता है |
इसके उपयोग से पेचिश और दस्त में राहत मिलती है ।
इसके सेवन से आपका इम्यून सिस्टम बढ़िया रहता है।
ये तनाव जैसे में भी राहत दे सकता है ।
ये मोतियाबिंद से राहत दे सकता है ।
इसकी मदद से वजन भी कम किया जा सकता है |

क्या हरी शिमला मिर्च से गैस बनती है?

जी हाँ ! अधिक मात्रा में प्रयोग करने से गैस की समस्या भी हो सकती है |

शिमला मिर्च की तासीर क्या है?

इसकी तासीर गर्म होती है |

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