2023 में धान की खेती कैसे करे | धान की खेती का समय

धान की खेती करने के नए और अच्छे प्रकार के कुछ नए तरीके जैसे –धान की खेती का समय ,धान की खेती में खाद ,धान की अधिक पैदावार के उपाय ,भारत में सबसे ज्यादा धान की खेती कहां होती है eske bare me bat karenge .

हेलो दोस्तों , हम आज धान की खेती(Dhaan ki kheti) के बारे में बिस्तार से बात करेंगे और बताएँगे की कौन सा धान सही रहेगा और कौन सा सबसे सही रहेंगे इस पोस्ट को पूरा पढ़ने के बाद आपको साडी जानकारी मिल जाएगी और आप पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढ़े।
सभी किसान भाइयो को अगर धान की खेती उपज ज्याद चाहिए तो नर्सरी करना बहुत जरुरी होगी यदि आपके नर्सरी की बेस्ट क्वालिटी के होंगे तो आपको धान भी ज्यादा होंगे।

धान की खेती या धान का परिभाषा

धान को सब जानते है धान से चावल बनता है जिसे लोग खाना खाने के साथ जरूर कहते है कुछ लोग तो कहते है की जबतक जवळ न मिले तो पेट नहीं भरता है | चावल में बिटामिन और फाइबर पाया जाता है | चावल की बहुत सारी प्रजाति होती है और कुछ उन्नति शील होती है सबका अलग स्वाद और बिटामिन पायी जाती है |

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धान की खेती का सही समय


धान की खेती का सही समय जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के तीसरे सप्ताह तक होता है और अन्य बाटे कुछ पॉइंट को दर्शाते हुए निम्न बाटे करेंगे –

  • नर्सरी करने की सही समय बहुत जरुरी टाइम मई 10 से 20 तारिक तक नर्सरी लगा देना चाहिए।
  • थोड़ा तेजी से तैयार होने वाली नर्सरी को 14 मई तक लगा देना चाहिए।
  • एक एकड़ भूमि के लिए एक बिसुवा में नर्सरी लगाना चाहिए।
  • अगर समय से नर्सरी तैयार हो जाती है तो कीट पतंगे काम लगने की संभावना होती है।
  • सही समय से अगर पौधे लग जाते है तो जल्दी विकास होगा और रोग बहुत काम होंगे और ट्रेचिंग भी कम होगी।
  • ध्यान देने योग्य बातें धान की नर्सरी तैयार करते समय ध्यान रखें कि मौसम के आने के 14 से 15 दिन पहले ही नर्सरी की तैयारी हो जाये|
  • एक महीने से पहले के नर्सरी के पौधो में , उत्पादन की कम होने की संभावना होती है।
  • अगर किसान भाइयो को बड़े उत्पादन के लिए धान की नर्सरी लगाना है, तो नर्सरी हाइब्रिड धान बीज 1 kg प्रति बिसवा में डालें |
  • इसका मतलब प्रति बीघा धान का बीज 20 kg जो एक नर्सरी लगाना मन जाता है |
  • किसान भाई देशी धान की नर्सरी तैयार करता है , तो यह बीज 23 से 24 kg प्रति एकड़ के हिसाब से नर्सरी का लगाव करें |

धान की जलवायु और भूमि

धान की खेती(Dhaan ki kheti) के लिए समशीतोषण जलवायु की जरुरत होती है | धान के पौधों के लिए तापमान औसतन 20-37 डिग्रिसेन्टीग्रेटे तापमान की जरुरत होती है I इसके लिए मिटटी – मटयार एवं दोमट
भूमी उपयोगी मानी जाती हैI

भूमि की तयारी करना

भूमि में पहली बार कल्टीवेटर से जुताई या मिटटी पलटने वाले यन्त्र से जुताई करना चाहिए और फिर मेड़बंदी करके उसमे पानी भरकर उसकी खेती की जुताई करनी चाहिए |

धान के 12 नाम के प्रकार

  1. पूसा-169

पूसा बासमती 169 एक तरीके का धान का बीज है इसकी पैदावॉर बहुत अच्छी होती है इसलिए किसान भाई इसकी जयदा मांग कर रहे है | यह खाने स्वादिस्ट एवं हेल्थी होता है |

2. नरेन्द्र-80

नरेंद्र -80 एक प्रकार का उन्नति प्रजाति है चावल की जिसकी पैदावार के नाम से जाता है इसकी पैदावॉर एक एकड़ में 80 कुंतल निकलता है इसलिए इसका नाम भी नरेंद्र -80 पड़ा | यह खाने में भी बहुत अच्छा होता है |

3. पंत धान-12

पंत धान 12 हाइब्रिड बीज है जो प्रति एकड़ किसान को लगभग 55 से 65 कुंतल की उपज प्रदान करता है | जो खरीफ की फसल का मुख्या फसल है और यह 4 महीने में तैयार होने वाली फसल है | बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी पायी जाती है |

4.मालवीय धान-3022

मालवीय धान-3022 यह भी एक प्रकार का बीज है जिसको धान की खेती के लिए उपयोग में लाया जाता है |यह भी बहुत लोक प्रिय और खाने में स्वाद अच्छा आता है इसको बहुत सारे लोग पसंद करते है |

5. नरेन्द्र धान-2065 एवं मध्यम पकने वाली किस्मों में

यह धान की प्रजाति थोड़ा जल्दी पकने में सहयोगी होती है जिसके वजह लोगो पसंद बन चूका धान की प्रजाति है इसलिए इसका कीमत थोड़ी बढ़ रही है |

6. पंत धान-10

यह भी धान का एक प्रकार है

7. पंत धान-4

यह एक पंत धान का प्रजाति है जोकि एक अच्छी प्रजाति में गिनती होती है |

8. सरजू-52

सरजू 52 धान की एक बहुत उननत शील प्रजाती है | यह खाने में काफी स्वादिस्ट और सुगन्धित लगता है | इसकी उपज भी काफी अच्छी है |

9. नरेन्द्र-359

यह नाती मसूरी के नाम से जाना जाता है यह पुरानी प्रजाति है और इसकी पैदावार भी बहुत अच्छी है परन्तु कमी ये है की यह उपज में काफी समय लगता है |

10.नरेन्द्र-2064

नरेन्द्र-2064 : यह प्रजाति एक अच्छी उपज वाली फसल है इसको पकने में भी कम समय लगता है ,लगभग 115 से 120 दिन तक में फसल तैयार |

11. पूसा-44

पूसा एक बासमती का प्रजाति इसकी यह बहुत अच्छी और माध्यम समय में पकने वाली प्रजाति है |

12. पीएनआर-381

पीएनआर-381 एक उन्नत शील प्रजाती है , जिसकी उपज और मार्केट में कीमत भी अच्छी रेट में मिल जाती है स्वाद में भी हिट है | किसान भाई भी मस्ट है इसको लगाया सब कुछ पाया |

भारत में देसी धान की किस्में

वैज्ञानिकों ने नाम दिया है-

  • देसी
  • बासमती
  • जसवा
  • मंसूरी
  • बिरनफूल
  • साद सरना
  • कुकुरझाली
  • काला नयना
  • फूल पकरी
  • काला बुधनी
  • देसी मंसूरी
  • सफेद सुंदरी
  • चनाचूर
  • कैमा समेत प्रजाति के धान को नेशनल जीन बैंक में रिजर्व किया है |

हाइब्रिड धान की किस्म 8383

hybrid paddy MR 8383 ,

लम्बी बाली मोटे |

उपज का मास्टर |

धान की किस्म के प्रकार है |

हाइब्रिड धान का रेट

सुगंधा , चंदन एवं आरएसटेन धान महंगे रेट पर बिकते है जबकि हाइब्रिड धान की सरकारी केंद्रों पर 1590 Rs प्रति क्विंटल की दर से मिलता hai है।

बायर topstar टॉप स्टार खरपतवार –
बायर कंपनी की ये Topstar खरपतवार नाशक 1 एकड़ में 45 Gm दर के हिसाब से लगता जो बाजारों मे यह पाउडर के रूप में मिलता hai.

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Bayer topstar की डोज़-

1 एकड़ के लिए 2 लीटर पानी में घोलना और फसल को लगाने के 72 घंटे के अंदर-अंदर स्प्रे विधि से खेत में छिड़काव करना है | कुछ और धान के कीट नाशक दवाइयों के नाम-

  • इरेज (Eraze) कीट नाशक
  • ब्लेड (Blade) कीट नाशक
  • Bayer council active
  • नॉमिनी गोल्ड कीट नाशक

धान की खेती का उपज प्राप्त

धान की दो प्रकार की प्रजातियां होती है –
1 – सिंचित
2 – असिंचित
दोनों प्रकार की प्रजातियों में पैदावार लगभग बराबर से 5 या 10 किलोग्राम का इधर उधर रहता है |

Some Related Question And Answers

धान की खेती का समय ?

जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के तीसरे सप्ताह तक

धान की खेती कब से कब तक होती है?

जून के तीसरे सप्ताह से जुलाई के तीसरे सप्ताह तक

धान कितने दिन में आ जाती है?

धान की उपज तैयार होने का समय लगभग 90 से 120 दिन का होता है या सीधे तरीके से जान लीजिये 3 से 4 महीने तक में तैयार हो जाती है |

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