No.1 केसर की खेती (Kesar ki Kheti) में कम लगाओ ज्यादा पाओ

केसर की खेती (Saffron Farming) IN HINDI | सोना और चांदी जैसा कीमती होता है, केसर, जानिए कैसे कर सकते हैं |केसर भारत में एक प्रसिद्ध मसाला है , जो सभी भारतीय रसोई में उपयोग किया जाता है। केसर फूलों से प्राप्त किया जाता है, और इसको खेती के जरिए उत्पादित किया जाता है। केसर की खेती (kesar ki kheti )की शुरुआत सिर्फ भारत में हुई थी लेकिन , अब इसकी खेती दुनिया भर में खेती की जा रही है।

केसर की खेती (Saffron Farming) के लिए उच्च धातुओं वाली मिट्टी की जरूरत होती है। इसके अलावा, शुष्क मौसम और खेती के लिए अधिक उपयुक्त जल व्यवस्था की आवश्यकता होती है। केसर की खेती के लिए बारिश या साइक्लोन जैसी भौगोलिक घटनाएं खतरनाक साबित हो सकती हैं।

एक अच्छी केसर की फसल के लिए समय पर बीज बोना जरूरी होता है। बीज बोने के लिए मई-जून महीने सबसे अच्छे होते हैं।

केसर की खेती (Kesar ki kheti ) लिए मुख्या मिटटी (जमीन या खेत )

केसर की खेती (Kesar ki kheti ) के लिए मिट्टी एक महत्वपूर्ण तत्व होता है | केसर की खेती के लिए मिट्टी की उच्च धातुओं वाली मिट्टी जैसे कि- लोमदेही मिट्टी, लाल मिट्टी या लालबालू जैसी ,मिट्टियों का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, खेती के लिए उपयुक्त जल व्यवस्था की आवश्यकता होती है। केसर की फसल के लिए शुष्क मौसम भी बेहद उपयुक्त होता है।

भारत में केसर कहा -2 उगाया जाता है

केसर जो कि एक महंगी मसाला होता है, उत्तर भारत के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में खेती की जाती है। इसके अलावा, कुछ भागों में राजस्थान और पंजाब में भी केसर की खेती होती है। यहां की खेती में खासकर विशेष मौसम और मिट्टी के तत्वों का उपयोग किया जाता है ,जो इस मसाले को महंगा बनाते हैं।

kesar ki kheti (Saffron harvesting,)केसर की खेती

केसर के अच्छी ( QUALITY ) के बीज

केसर की खेती (Kesar ki kheti ) के लिए उचित ( QUALITY ) बीज का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। एक उचित बीज से सुनिश्चित किया जा सकता है ,कि उत्पादकता बढ़ी जाए और फसल में संक्रमण से बचाया जा सके। अधिकतर किसान इस लिए सीधे किसान बीज विक्रेता से अपने बीज खरीदते हैं। उन्हें अपनी भूमि के अनुसार उचित बीज चुनना चाहिए, जो उनकी फसल को अधिकतम उत्पादकता देने में सक्षम हो।

केसर में कीटपतंगों से बचने का उपाय

केसर की फसल को अनेक तरह के कीट- पतंगे प्रभावित करते हैं, जिनसे इसे बचाने के लिए कुछ उपाय करना जरुरी हैं। प्रमुख कीटों में थ्रिप्स, जांगली मक्खी, सफेद मक्खी, मीठी मक्खी, पानी का कीट आदि शामिल होते हैं।

कुछ महत्वपूर्ण टिप्स हैं— जो केसर के कीट पतंगों से बचने में मदद करते हैं। फसल के प्रथम दिन से ही उचित देखभाल की जानी चाहिए। इसके लिए, उन्हें फसल को नियमित(PERDAY) रूप से पानी देना चाहिए। इसके अलावा, केसर की खेती में प्रयोग(USE) किए जाने वाले कीटनाशकों की सही मात्रा का पालन करना भी बहुत महत्वपूर्ण होता है।

फसल में कीटों के प्रभाव से बचने के लिए, किसानों को अपनी फसल को नियमित रूप से निरीक्षण करना चाहिए। अगर किसानों को कोई भी कीट पतंगे दिखाई दें, तो वे उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। इसके अलावा, केसर की फसल (Kesar ki kheti ) को नियमित रूप से नियंत्रित करना चाहिए ताकि -कीट पतंगों का प्रभाव कम हो सके।

केसर कितने दिन में तैयार होती है ?

केसर फसल का प्रकाश पूर्वकाल में फूलने और फलित होने में लगभग 200 से 240 दिनों का समय लगता है। फूलों के अधिकतम उत्पादन के लिए, केसर की फसल को उपयुक्त ढंग से उगाया जाना चाहिए, और उन्हें समय से पानी और पोषण के साथ देखभाल की जानी चाहिए।

केसर की खेती (Kesar ki kheti )मार्किट वैल्यू

केसर (Kesar ki kheti ) एक अधिक मूल्य का मसाला होता है , और इसकी मांग अधिक होने के कारण इसकी बाजार में मूल्य बढ़ता है। वर्तमान में, केसर का बाजार मूल्य लगभग 1 लाख से 2 लाख रुपये प्रति किलो तक हो सकता है। हालांकि, इसकी बाजार मूल्य फसल की गुणवत्ता, प्रकार, स्थान आदि पर भी निर्भर करता है।

केसर के लाभ (Benefits OF KESAR)

केसर की खेती (Kesar ki kheti ) कई तरह लाभ प्रदान करती है। कुछ मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:-

1. अधिक आय:– केसर एक मूल्यवान मसाला होता है ,और इसका उत्पादन अधिक आय प्रदान करता है।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता:- केसर में विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं।

3. स्वास्थ्य में लाभ:- केसर एक प्राकृतिक रंग उत्पादक होता है, जो अगर व्यवस्थित रूप से खाया जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है।

4. प्राकृतिक उर्वरक:- केसर की फसल से प्राकृतिक उर्वरक प्राप्त किए जा सकते हैं, जो अन्य फसलों के उत्पादन में सहयोगी हैं।

5. रोजगार :- केसर की खेती से (Kesar ki kheti ) कई (MANY) लोगों को रोजगार का CHANCE प्रदान किया जाता है।

केसर किस -2 प्रकार USE होता है

केसर का उपयोग खाने के लिए अधिकतर मसाले के रूप में किया जाता है। यह खाने में स्वादिष्ट होता है, और भोजन में खुशबूदार महक और रंग उत्साह उत्पन्न करता है। केसर को भी चाय, कैंडी और मिठाई जैसी- वस्तुओं में उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, केसर को धातु रंगों का उत्पादन करने में भी प्रयोग किया जाता है।

क्या केसर मेडिसिन में USE होता है ?

केसर के औषधीय गुणों के कारण, इसे आयुर्वेदिक चिकित्सा में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। यह त्वचा जैसी – समस्याओं, जैसे कि -एक्जीमा और डर्मैटाइटिस, में लाभकारी होता है। केसर खांसी, जुकाम और ठंड के लिए एक अच्छी घरेलू दवा मानी जाती है। इसके अलावा, केसर दर्द निवारक गुणों का धनी होता है , और पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए भी इस्तेमाल(USE) किया जाता है।

केसर कितने प्रकार का होता है

केसर दो प्रकार के होते हैं – लोहे के टगबंदी वाले केसर (Kesar ki kheti ) और बड़े साइज के टगबंदी वाले केसर। लोहे के टगबंदी वाले केसर मुख्य रूप से शामिल होते हैं , परंतु बड़े साइज के टगबंदी वाले केसर बाजार में अधिक मूल्य के होते हैं। यह केसर अधिक महंगे होते हैं, क्योंकि इनकी पैदावार कम होती है, और उत्पादन में ज्यादा समय लगता है।

केसर के प्रमुख्य उत्पादन राज्य भारत में

केसर की खेती के लिए बीज की खेती से अधिक उत्पादन देने वाले राज्यों में से कुछ निम्न हैं:

  1. जम्मू और कश्मीर

2. हिमाचल प्रदेश

3.उत्तराखंड

4.सिक्किम

5. अरुणाचल प्रदेश

6.मेघालय

7.उत्तर प्रदेश

8.पंजाब

9.हरियाणा

10.राजस्थान

11.गुजरात

इन राज्यों में केसर की खेती (Kesar ki kheti ) के लिए मुख्य रूप से सोना मिट्टी या लाल मिट्टी जैसी -उत्तम मिट्टी का उपयोग किया जाता है।

KESAR UGANE KA प्रमुख्य समय

केसर की खेती के लिए उपयुक्त समय फरवरी से नवंबर तक होता है। जबकि इसकी उन्नत विधि के लिए फरवरी में बीज बोए जाते हैं, और अगस्त-सितंबर महीने में मूल्यवान फूल उगते हैं। इसके पहले भी फूल उगते हैं, लेकिन वे मूल्यहीन होते हैं। इसलिए, केसर की उन्नत विधि के लिए अगस्त-सितंबर महीने में बीज बोना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।

अन्य पढ़े

मुंग की खेती से मुनाफा कैसे निकले

PM किसान योजना

kapas ki kheti

Kesar bagh परिचय

केसर बाग में हम आपका स्वागत करते हैं हमारे विशेष स्थान और मारवाड़ और मेवाड़ राज्यों के बीच स्थित एक हेरिटेज रिसॉर्ट में। राजपूत आतिथ्य की सच्ची परंपरा में अपनी यात्रा को यादगार बनाना।

केसर बाग -(what is kesar bagh?)

kesar bagh एक ऐसा नखलिस्तान है जहां समय और मौसम ने पुरानी इमारतों और बागों पर भारी असर डाला था। मानसून में अरावली की पहाड़ियों से बरसने वाले बारिश के पानी ने झील के मिट्टी के बांध को तोड़ दिया था, जिसके किनारे कभी पुराना और भव्य केसर बाग खड़ा था।

जोजावर के वर्तमान राव साहब – महाराज सिंह जी ने भूमि और अपने परिवार की पुरानी परंपराओं को बहाल करने के लिए उत्सुक, नए केसर बाग को फिर से बनाया, जहां पुरानी इमारतें थीं, लेकिन आधुनिक समय को देखते हुए कुछ बदलाव शामिल किए।

आगंतुक को प्रकृति में होने के कारण सद्भाव और तृप्ति की भावना देने के लिए जंगल को खेत और बाग पर कब्जा करने की अनुमति दी जाती है।

केसरबाग में रुकना बीते युग की शांतचित्त और व्यस्त जीवन शैली की याद दिलाता है। पुरानी कारों के साथ समय का उलटा पूरा महसूस होता है, जो आपको सहज ड्राइव के लिए ले जाती हैं, मूंछ वाले बटलर अपने कलफदार झाड़ी कोट में आपका इंतजार कर रहे हैं, उनकी पगड़ी शाम की हवा में फड़फड़ाती है|

अपने फलों के पेड़ों और ग्रामीण राजस्थान के बीच जंगल सेट के साथ पूरी संपत्ति – और इतनी दूर, किसी भी प्रमुख सड़कों या विकास से दूर, कि कोई मदद नहीं कर सकता है लेकिन इसके आकर्षण में आराम और कायाकल्प कर सकता है।
गर्म धूप, बातचीत और आराम से डूबने वाले लोगों को तत्काल भ्रमण के साथ विरामित किया जाता है, यहाँ दिन की पुकार है

क्या भारत में केसर की खेती की जा सकती है?

जी है ! भारत में केसर की खेती की जा सकती है | जम्मू और कश्मीर में सबसे अच्छी केसर की खेती की जा रही है |

Conclusion

इस तरह , केसर की खेती (Kesar ki kheti ) एक लाभदायक खेती एवं व्यवसाय है, जो किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है। इस फसल को उगाने के लिए उचित मिट्टी, उपयुक्त जलवायु और विशेष तकनीक की आवश्यकता (Need ) होती है। इस फसल में अच्छी खेती तकनीक(rule) से की गई उन्नत विधि के साथ, किसान अधिक मूल्यवान फसल उत्पादित कर सकते हैं , जो अन्य देशों में बिक्री के लिए भेजे जा सकते हैं। साथ ही, केसर के फूलों का उपयोग अनेक उद्देश्यों के लिए किया जाता है ,जैसे- कि खाने का स्वादिष्ट उपयोग, पौष्टिक लाभों का होना और दवाइयों में उपयोग किया जाना। केसर की खेती एक उत्कृष्ट विकल्प हो सकती है, जो किसानों के लिए आर्थिक रूप से सकारात्मक (positive) प्रभाव डाल सकती है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top