खराब उर्वरक से बचाव: कृषकों के लिए उपयुक्त उर्वरकों की पहचान

पूर्वी उत्तर प्रदेश में हरित क्रांति के अद्भुत विकास की योजना आज के समय में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। कृषि निवेश के साथ-साथ, खेतों में प्रयुक्त उर्वरकों का सही चयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें सबसे महंगा निवेश रासायनिक उर्वरकों में से होता है। नकली और मिलावटी उर्वरकों का प्रयोग किसानों के लिए बड़ी समस्या हो सकती है, और इससे बचाव के लिए उर्वरकों की पहचान का महत्वपूर्ण रोल खेलता है।

किसानों को उर्वरकों की शुद्धता की जांच करने के लिए बीजों को दांतों से दबाने पर कट्ट की आवाज से, कपड़ों की गुणवत्ता की जांच छूकर या मसलकर तथा दूध की शुद्धता की जाँच अँगुली से टपकाकर करना चाहिए। बाजार में प्रायः डी. ए. पी., जिंक सल्फेट और एम. ओ. पी. नकली या मिलावटी उर्वरक मिलते हैं, तो इसलिए हमे नकली उर्वरक से बचाव करना चाहिए इनकी अद्भुत पहचान करने के लिए खरीदते समय विशेष ध्यान देना चाहिए।

नकली उर्वरक से बचाव के लिए कुछ जरुरी जानकारी

  1. यूरिया: यूरिया एक सफेद चमकदार दाना होता है, जिसके घुलने पर पूर्णतः पानी में मिल जाता है और ठंडी महसूस होती है। इसे गर्म तवे पर रखने से पिघल जाता है, और अधिक आंच पर कोई अवशेष नहीं रहता है।
  2. डी. ए. पी.: डी. ए. पी. सख्त दानेदार होता है और भूरा, काला या बादामी रंग का होता है। इसके दानों को नखूनों से आसानी से छूने में कठिनाई होती है, और इसके दानों में कास्टिक को मिलाने पर तीक्ष्ण गंध निकलती है, जिसे सूँघना असह्य हो जाता है। इसे धीमी आंच पर गरम करने पर फूल जाता है।
  3. सुपर फास्फेट: सुपर फास्फेट भी सख्त दानेदार होता है और इसका रंग भूरा, काला, या बादामी होता है। इसके दाने आसानी से नहीं टूटते हैं, और गर्म किया जाने पर उनमें कोई अवशेष नहीं रहता है।
  4. जिंक सल्फेट: जिंक सल्फेट जिंक के साथ समान रंग का होता है और नकली और असली के बीच की पहचान कठिन होती है। इसके घोल में पतला कास्टिक को मिलाने पर थक्केदार घना अवक्षेप बन जाता है, और मैग्नीशियम सल्फेट के साथ ऐसा नहीं होता है।

इस प्रकार, किसानों को उर्वरकों की असली और नकली पहचान करने के लिए यह महत्वपूर्ण जानकारी है, जो उनकी फसलों के लिए सुरक्षित और उपयुक्त उर्वरक से बचाव(चयन) करने में मदद कर सकती है। इससे किसान भाइयों को अपने खेतों के लिए सही उर्वरक का चयन करने में सहायक होगा और उनकी फसलों की उन्नति को प्रोत्साहित करेगा।

FAQs

Q1. उर्वरक पहचान क्या है?

ANS. उर्वरक पहचान, किसानों और कृषि विज्ञानियों के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल है जिसका मतलब होता है किस प्रकार के उर्वरक (खाद्य पौधों के लिए पोषण स्रोत) को किसी फसल के लिए पहचानना और चयन करना। यह महत्वपूर्ण होता है क्योंकि उचित उर्वरक का चयन फसलों की अच्छी उन्नति और उत्पादकता के लिए महत्वपूर्ण होता है।
उर्वरक पहचान के दौरान, किसान या विशेषज्ञ उर्वरकों के प्रकार, गुणवत्ता, और प्रयोग के संकेतों को समझने का प्रयास करते हैं। यह सामान्यत:
रंग और आकार: विभिन्न उर्वरकों के दाने और घोल की रंग, आकार, और आकृति में अंतर होता है, जिसका माध्यम से उन्हें पहचाना जा सकता है।
रसायनिक गुणवत्ता: उर्वरकों की रसायनिक गुणवत्ता की जाँच करने के लिए विशेषज्ञ विभिन्न रसायनिक प्रयोगों का अध्ययन करते हैं, जैसे कि घुलने की दर, अवशेष रासायनिक प्रदर्शन, और अन्य रसायनिक गुणवत्ता संकेतों का अध्ययन करते हैं।
प्रयोग संकेत: उर्वरक के प्रयोग के दौरान फसलों की प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया की दिशा को देखा जाता है। किसी खाद्य पौध के साथ किसी विशेष उर्वरक का प्रयोग करने पर फसल की स्वास्थ्य और विकास में कोई अंतर दिखाई देता है, जिससे उर्वरक की पहचान होती है।
जल परीक्षण: कुछ उर्वरक पानी में अच्छी तरह घुल जाते हैं, जबकि अन्य उर्वरक पानी में पूरी तरह से नहीं घुलते हैं। यह उर्वरकों की पहचान के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण हो सकता है।
उर्वरक पहचान का यह कौशल किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह उन्हें सही उर्वरक का चयन करने में मदद करता है, जिससे उनकी फसलें स्वस्थ और प्रफल होती हैं।

Q2.खाद और उर्वरक में क्या अंतर है?

ANS – खाद और उर्वरक, दोनों ही पौधों के लिए मिनरल और पोषण स्रोत होते हैं, लेकिन इनमें कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैं।
खाद (Manure):
प्राकृतिक उपादान: खाद प्राकृतिक उपादान होती है, जो आमतौर पर पौधों के शृंगार के रूप में प्राप्त की जाती है, जैसे कि घास, बाघबान, या गोबर.
रसायनिक संरचना: खाद में ज्यादातर जीवाणु, जैव घटक, और अन्य जीवाणुओं का संश्लेषण होता है, जो पौधों को भूमि से मिलते हैं।
पोषक तत्व: खाद में प्राकृतिक खनिजों का संश्लेषण होता है, जैसे कि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, और पोटाश, जो पौधों के लिए मिनरल पोषण के स्रोत के रूप में कार्य करते हैं.
उर्वरक (Fertilizer):
संश्लेषित उपादान: उर्वरक संश्लेषित और प्रक्रियाशील रूप में तैयार की जाती है, जिसमें खनिजों को बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाता है।
रसायनिक संरचना: उर्वरक में खनिजों का संश्लेषण होता है, जो प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते हैं।
पोषक तत्व: उर्वरक प्रायः नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, और पोटाश के रूप में प्रायः रसायनिक रूप में खनिजों को प्रदान करते हैं, जो पौधों के लिए पोषण के स्रोत के रूप में कार्य करते हैं.
किसान की उद्देश्य: उर्वरक का उपयोग किसान की उद्देश्यों के आधार पर किया जाता है, जैसे कि उच्चतम उत्पादन, फसल के गुणवत्ता का बढ़ावा, और फसल की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाना।
इन अंतरों के बावजूद, खाद और उर्वरक दोनों के पौधों के लिए पोषण स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण होते हैं, और उनका सही उपयोग फसलों के स्वस्थ और उत्पादक विकास के लिए आवश्यक होता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top