krishi ki paribhasha: भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका

कृषि की परिभाषा (agriculture ki paribhasha)

हम krishi ki paribhasha (कृषि की परिभाषा-agriculture ki paribhasha) के जरिये बताने के प्रयास कर रहे है की कृषि क्या है ? कृषि, भारतीय अर्थव्यवस्था के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र को प्रदर्शित करता है जिसमें लोग खेती, पशुपालन और सम्बंधित क्षेत्रों में व्यस्त रहते हैं। ‘कृषि’ शब्द की परिभाषा न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था में बल्कि विश्वभर में अनेक सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टिकोनों को दर्शाती है। इसलिए, इस लेख में हम ‘कृषि की परिभाषा’ पर विस्तृत चर्चा करेंगे जिससे हम इसके महत्व और भारतीय समाज में इसके प्रभाव को समझ सकेंगे।

krishi ki paribhasha | agriculture ki paribhasha

कृषि का अर्थ और महत्व

कृषि शब्द संस्कृत शब्द ‘कृषि’ से उत्पन्न हुआ है, जिसका अर्थ होता है ‘कर्षण’ या ‘खेती’। यह विश्वास किया जाता है कि मानव ने शुरूआती समय से ही वन्य फसलों का उपयोग करके खेती की प्रक्रिया को शुरू किया था, जो समय के साथ विकसित हुई और आज उच्चतर उत्पादकता और उत्तराधिकारिता वाले विश्वस्तरीय कृषि उद्यानों तक पहुंच गई है।

कृषि विकास के साथ-साथ भारतीय समाज में कृषि को आर्थिक, सांस्कृतिक, और राजनीतिक महत्व हासिल हुआ है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए, कृषि एक प्रमुख आधार है, जिससे लाभांश का मूल्यांकन किया जा सकता है। विश्व के अन्य क्षेत्रों की तरह, भारत में भी कृषि की प्रमुख धारा उपभोग और आर्थिक विकास को समर्थन करती है।

कृषि की अनेक परिभाषाएँ

कृषि को विभिन्न रूपों में परिभाषित किया गया है जो निम्नलिखित हैं:

1. कृषि का अर्थ – कृषि का मुख्य उद्देश्य खेती करके खाद्य एवं अन्य सामग्रियाँ उत्पन्न करना होता है। यह वनस्पतियों और पशुओं के उत्पादन, प्रसंस्करण, और विपणन के साथ संबंधित है।

कृषि की परिभाषा,krishi ki paribhasha,

2. आर्थिक दृष्टिकोण – कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है जिससे लाभांश का मूल्यांकन किया जाता है। यह देश के बहुत से लोगों को रोजगार प्रदान करता है और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारता है।

3. सांस्कृतिक दृष्टिकोण – कृषि भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, जिससे विभिन्न त्योहार, रीति-रिवाज़, और सांस्कृतिक गतिविधियों को समर्थन किया जाता है।

4. विज्ञानिक दृष्टिकोण – कृषि विज्ञान और तकनीक के उपयोग से कृषि की उत्पादकता और गुणवत्ता को बढ़ाया जा सकता है।

5. भौगोलिक दृष्टिकोण – विभिन्न जलवायु और मृदा संबंधी परिस्थितियों में कृषि के विकास के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करता है।

6. राजनीतिक दृष्टिकोण – कृषि राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारतीय समाज के अधिकांश लोगों का आर्थिक विकास संभव बनाता है। राजनीतिक नेता कृषि उद्योग के विकास और समर्थन के लिए नीतियों का निर्धारण करते हैं।

कृषि की प्रमुख विधियाँ और तकनीकें

कृषि के विकास में विज्ञान और तकनीक का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। विज्ञान और तकनीक के प्रयोग से कृषि की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन किया जा सकता है।

1. सब्जी उगाने की ग्लासहाउस तकनीक – ग्लासहाउस तकनीक एक विशेष प्रकार का पर्यावरण है जो उच्च गुणवत्ता वाले सब्जियों की उगाई को संभव बनाता है। यह विभिन्न जलवायु और मृदा संबंधी परिस्थितियों में उगाई जाने वाली सब्जियों के लिए आदर्श है।

2. कृषि उपकरण – उच्च उत्पादकता और उत्तराधिकारिता के लिए विभिन्न कृषि उपकरणों का उपयोग किया जाता है। जलवायु, मृदा, और प्राकृतिक संसाधनों के अनुसार उपकरणों का चयन किया जाता है।

3. जल संरक्षण तकनीक – जल संरक्षण तकनीक के उपयोग से खेतों में पानी की बचत की जा सकती है और समय के साथ खेती की उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है।

4. कृषि उत्पादों का संस्कृतिक उपयोग – कृषि उत्पादों को संस्कृतिक रूप से उपयोग किया जाता है जो विभिन्न रोजगार और उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।

कृषि के उद्देश्य:

कृषि के प्रमुख उद्देश्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:

1. खाद्य सुरक्षा – कृषि का प्रमुख उद्देश्य खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना होता है। खेती से अनाज और अन्य खाद्य सामग्री का उत्पादन होता है जिससे लोगों को पोषण मिलता है।

2. रोजगार – कृषि उद्योग देश के बहुत से लोगों को रोजगार प्रदान करता है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में।

3. आर्थिक विकास – कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो देश की आर्थिक विकास को समर्थन करता है।

4. नए तकनीकी उत्पादन – कृषि में नई तकनीक और विज्ञान के प्रयोग से उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन किया जा सकता है।

5. आर्थिक समृद्धि – कृषि के माध्यम से खेती कर्ताओं को आर्थिक समृद्धि मिलती है जो समाज के विकास में सहायक होती है।

आईये जानते है की Kapas Kya Hota Hai? और इसके Top 15 फायदे

भारतीय समाज में कृषि का महत्व:

भारत में कृषि भारतीय समाज के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक, सांस्कृतिक, और आर्थिक दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है। इसे एक धार्मिक कर्तव्य भी माना जाता है जो देवी धरती मां की कृपा को प्राप्त करने के लिए कृषि जैसे पवित्र कार्य को समर्पित करते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है जो अधिकांश लोगों को रोजगार प्रदान करती है। यहां लोग अपने परिवारों की आर्थिक समर्थन के लिए खेती करते हैं जो उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है।

इसके अलावा, भारतीय समाज में कृषि संस्कृति और रीति-रिवाज़ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभिन्न त्योहार और उत्सव कृषि से संबंधित होते हैं जो समाज में एकता और समरसता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।

कृषि के प्रकार:

कृषि, भारतीय समाज में एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि है जो खेती, पशुपालन, और सम्बंधित क्षेत्रों में विकसित है। भारतीय कृषि विविधता की दृष्टि से विशेष है और इसे विभाजित किया जा सकता है विभिन्न प्रकारों में। यहां ‘कृषि के प्रकार pdf Download‘ के कुछ मुख्य पहलुओं का उल्लेख किया गया है:

1. फसली खेती: फसली खेती खेतों में विभिन्न प्रकार की फसलों की उत्पादन प्रक्रिया है। इसमें अनाज (धान, गेहूँ, जौ आदि), दलहनीयाँ (अरहर, मूंगफली, मसूर), तेलीय फसलें (तिल, सरसों, ग्राउंडनट आदि), फलों और सब्जियों की उगाई की जाती है।

2. विशेष खेती: विशेष खेती में, किसान विशेष प्रकार की फसलें उगाते हैं जो विशेष बाजार में मांग होती हैं। इसमें खेतों में फूलों की उगाई (गेंदा, गुलाब, चमेली), मसालों की उगाई (धनिया, लहसुन, प्याज़), औषधीय पौधों की उगाई (तुलसी, नीम, अलोवेरा) आदि शामिल होती है।

3. वन्य फसली खेती: वन्य फसली खेती में, वन्य फसलें उगाने की प्रक्रिया होती है जो वन्य जीवन के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। इसमें वन्य फूल, वन्य फल, और वन्य जैविक उत्पादों की उगाई जाती है।

4. पशुपालन: पशुपालन कृषि के एक महत्वपूर्ण पहलु है जिसमें पशुओं के पालन-पोषण की जाती है। इसमें गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी, बकरा आदि पाले जाते हैं।

5. मछली पालन: मछली पालन में, जलीय प्रदेशों में मछलियों को पाला जाता है जिससे ताजगी और बाजार में मछली की मांग को पूरा किया जा सकता है।

कृषि के इन विभिन्न प्रकारों के माध्यम से भारतीय समाज में खेती की विविधता और भूमिका का सम्मान किया जाता है। ये सभी प्रकार अलग-अलग तरीकों से खेती के विकास में योगदान करते हैं और देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कृषि विज्ञान की परिभाषा

कृषि विज्ञान एक विशेषज्ञता क्षेत्र है जो खेती और उद्यानिकी के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करता है। यह विज्ञान खेती उत्पादन को सुधारने, फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने, पशुओं के पालने में तकनीकों का विकास करने, उद्यानों की संरचना और प्रबंधन को बेहतर बनाने, जल संरक्षण तकनीकों के प्रयोग के माध्यम से खेती में सुधार करने, विभिन्न कृषि उपकरणों का निर्माण, खेती संबंधी समस्याओं के उपाय आदि पर विशेष जोर देता है।

कृषि विज्ञान उच्चतर उत्पादकता, गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन, संसाधनों का बेहतर उपयोग, बीमारियों और कीटाणु संघर्ष के लिए संशोधित तकनीकियों का अध्ययन और विकास करता है। यह खेतीकर्ताओं को नई तकनीकों का उपयोग करके उनके उत्पादन को बढ़ाने और खेती से संबंधित समस्याओं का समाधान करने में मदद करता है।

कृषि विज्ञान में विभिन्न उपग्रहों का उपयोग, जलवायु और मृदा की जांच, उपयुक्त बीज और कृषि उपकरणों के चयन, सुरक्षित पेयजल के विकास, बागवानी, फसल संरक्षा, कृषि प्रौद्योगिकी, फसल बीमा आदि क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास होता है।

कृषि विज्ञान के माध्यम से खेतीकर्ताओं को नई तकनीकों का प्रदान किया जाता है जिससे उन्हें उत्पादकता में सुधार होता है और वे अपने खेती उद्योग को आर्थिक रूप से समृद्ध बना सकते हैं। इससे खेती सेक्टर में विकास का समर्थन मिलता है और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान होता है।

जानिए Best पत्ता गोभी की खेती कब करें और कैसे करें
अरहर की दाल के 20 नए तरीके: शीघ्र पकने वाली अरहर से बनाएं खास मेनू
चीकू की खेती कैसे करे? चीकू से किया ब्यायसाय तो हुआ लाखो का फायदा
पपीते की कॉन्ट्रैक्ट खेती में छोटे किसान बन सकते हैं करोड़पति, जानिए कैसे

Conclusion

इस लेख में, हमने ‘कृषि की परिभाषा’(krishi ki paribhasha) पर विस्तृत चर्चा की है जिससे हम इसके महत्व और भारतीय समाज में इसके प्रभाव को समझ सकेंगे। कृषि भारतीय समाज के लिए एक अहम

अंग है जो उसकी आर्थिक, सांस्कृतिक, और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान करता है। इसलिए, हमें इसे समर्थन करने और उसके विकास को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top