मेरी फसल ka ब्यौरा | भारत में कितने प्रकार की फसल उगाई जाती है |

भारत में कितने प्रकार की फसल उगाई जाती है, मेरी फसल ka ब्यौरा

मुख्य रूप से फसल तीन प्रकार की होती है

1.रबी की फसल,2. खरीफ की फसल 3.जायद की फसल

Table of Contents

रबी की खेती (फसल )-

भारत में रबी की फसल वो कहलाती है ,जो सर्दी एवं बसंत ऋतू में उगाई जाती है | मेरी फसल ka ब्यौरा , me hum रवि की खेती (फसल ) करने का सही समय :- रबी की फसल उगने का सही समय मानसून या वातावरण ख़त्म होने के बाद अक्टूबर से सुरु होकर अप्रैल लास्ट तक चलता है ,जिसकी बुवाई अक्टूबर और नवंबर महीने से की जाती है | रबी की फसल को काम तापमान की आवश्यता पड़ती है और कटाई के समय गर्म वातावरण की जरुरत पड़ती है , इन फसलों को बढ़ने के लिए कम् नमी और शांत सा पर्यावरण चाहिए |

रबी की मुख्य फसल

इंडिया में रबी की खेती सभी राज्यों में होती है ,जिसमे मुख्य है –चना , गेंहू , सरसो ,जौ ,मसूर , मटर , जई, लहि (तोरिया ) , राइ , पीली सरसो , कुसुम, अलसी,मक्का बेबी कॉर्न , बरसीम , आलू इत्यादि |

खरीफ की फसल

खरीफ की फसल को बरसात के मौसम में उगाई जाती है इंडिया में खरीफ के फसल की सुरुवात मौसम (मानसून की ) में हो जाता है , और किसान भारी वर्षा या काम वर्षा से भी प्रभावित हो जाता है -मतलब किसान भाई को खरीफ की फसल में भारी नुकसान और लाभ भी हो जाता है |

भारत में खरीफ फसल का मौसम –

खरीफ फसल के लिए किसान भाई को जून महीने से जुलाई महीने तक बुवाई करके अक्टूबर में कटाई के साथ ख़त्म करता है | इसकी बुवाई के संसय अधिक गर्मी और आद्र्रता एवं पकने के समय शुष्क वातावरण की जरुरत होती है |

भारत में खरीफ फसल का मौसम -fasal kitne prakar ki hoti hai ,

भारत में खरीफ की प्रमुख फसलें

भारत में खरीफ के खेती को मानसूनी फसल के नाम से भी जाना जाता है | खरीफ की मुख्य फसल जैसे -ज्वर , बाजरा , मक्का चावल (धान) , मुंग , गन्ना, मूंगफली , सोयाबीन , उड़द या उर्द , कुल्थी ,अरहर , अरंडी , सनई,कपास ,तिल, रागी , रामतिल इत्यादि |

खरीफ के बारे में कुछ अन्य जानकारी –

भारत देश में खरीफ के समय अलग-अलग क्षेत्रो में मौसम के वातानुकूल होने की वजह से बुवाई के समय में अंतर देखने को मिलता है

जायद की फसल की खेती बाड़ी

जायद की फसल -इस फसल को रबी और खरीफ के मध्य में उगाई जाने वाली फसल कहते है| जायद की फसल में बहुत तेज गर्मी एवं शुष्क हवाएं बर्दास्त या सहने की क्षमता होती है | उत्तर -भारत में ज्यादा तर जायद की खेती की जाती है |

भारत में जायद फसलों के मौसम

इस मौसम को जायद खरीफ और जायद रबी में बाटा जाता है

जायद रबी की फसल के बीज लगाने का मुख्य समय फेब्रुअरी से मार्च होता है , कटाई का समय अप्रैल से मई होता है

जायद खरीफ के बुवाई का मुख्य समय अगस्त से सितम्बर तक एवं कटाई(कतराई) का सही समय दिसंबर से जनुअरी माना जाता है |

जायद की मुख्य फसल

जायद की फसल की मुख्य फसल इस प्रकार है -मुंग या उरद , मूंगफली , सूरजमुखी ,मक्का , चना , कपास , हरा चारा , जूट,धान , ज्वर , खरबूजा रेपसीड , तरबूज , ककड़ी , लोबिया , पत्तेदार सब्जिया , खीरा , टिंडा ,भिंडी और अरवी इत्यादि है |

भारत में खेतियों के कुछ अन्यप्रकार

मसाले की फसल (kheti)-

मसाले की खेती भारत की हर देश में प्रसिध्य है , भारत एक सबसे बड़ा मार्किट है बीज उत्पादन में | भारत विश्व में 58 % मसाला की पूर्ति करता है | भारत में per year लगभग 13 लाख हेक्टर (hectare ) भूमि में मसाले harvesting ki जाती है

भारत देश में हर वर्ष है इसकी करीब 11 लाख टन मसाले की फसल पैदा की जाती है। भारत के मसालों में औषधीय गुण देखकर इसका उत्पादन हर वर्ष बढ़ रहा है।

भारत में मसाला की मुख्य किस्मे

भारत को मसालों राजा देश कहा जाता है , इसलिए विश्व में सबसे अधिक मसाला की किस्में इस देश में ही पायी जाती है। भारत के मसालों को मुख्य भागों में बाटा जाता है – आर्थिक महत्व के आधार पर , जलवायु के आधार पर स्वाद व मौसम के आधार पर बाटा गया है। भारत इतिहास में मसाला का काफी पुराना इतिहास है |

भारत में मसाला की फसल

मसालों के फायदेमंद खेती को देखकर किसान मासाला की खेती ज्यादा मात्रा में करने लगे हैं। सरकार ने भी किसानो के प्रोत्साहन के लिए कई योजनाए लाते रहते है। मसाला की प्रमुख्य फसलों में- लाल मिर्च, मेथी,काली मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, इलायची, अदरक या सोंठ, दालचीनी, सौंफ, अजवायन, तेज पत्ता, लोंग, जायफल, जावित्री,अनार दाना, कोकम, आदि है।

भारत के औषधीय (आयुर्वेद ) की जड़ी की खेती

भारत में मुख्य औषधीय फसल में – तुलसी, हल्दी, ब्राह्मी, नोनी, अश्वगंधा, चिरायता, अतीस, सर्पगंधा, स्टेविया, शतावर, गिलोय, लेमनग्रास, एलोवेरा, कलिहारी, अश्वगंधा, ईसबगोल, सफेद मूसली आदि मुख्य फसल है ।

भारत में सब्जियों (vegetables ) की खेती

भारत का सब्जी उत्पादन में 2nd स्थान है जबकि खेती 3 %भूमि में सब्जी उगाई जाती है | फर्स्ट no में अपना पडोसी चीन है |

सब्जी (vegetable) की खेती निम्न प्रकार

12 महीनों सब्जी का मौसम रहता है , सब मौसम में अलग-2 सब्जियों की फसल उगाई जाती है । भिड़ी, टिंडा, तोरई, बैंगन, लौकी, करेला, टमाटर, ग्वार, लोबिया, मिर्ची, अरवीबैंगन, सरसों, मटर, प्याज, लहसुन, आलू, टमाटर, शलजम, फूलगोभी, बंदगोभी, चना तरबूज, खरबूजा, खीरा, भिंड़ी, ककड़ी, लौकी, तोरई, टिंडा, अरबी, मतीरा, बैंगन सब्जियों की खेती की जा सकती है।

भारत में ड्राई फ्रूट (dry fruits)की खेती

भारत में बहुत तरह के ड्राई फ्रूट प्रसिध्य है, जैसे – खोपरा, बादाम , काजू, पिस्ता, किसमिस, मखाना, खजूर, केसर, खुबानी, अंजीर, अखरोट, सुपारी, चिलगोजा आदि है।

व्यावसायिक खेती (Bussiness wali )

व्यावसायिक खेती(Bussiness wali ) कृषि को मुख्यत: तीन वर्गों में बाटा किया जाता है।

1. वाणिज्यक अनाज की खेती :- इसमें किसान विस्तृत भू-भाग में अनाज की खेती करता हैं, और उसे बाजार में व्यापार (बेचता )करता हैं। गेहूं, मक्का,तंबाकू, कपास, गन्ना इत्यादि व्यापारिक फसले है।

2. वृक्षारोपण (planting tree) खेती की खेती : वृक्षारोपण खेती की fasal में – नारियल,कोको, चाय, काफी, रबड़, गोंद, केला हैं।

3. मिश्रित खेती का करना :- मिश्रित कृषि पद्धति में पशुपालन के लिए चारा शामिल है। यह पशुपालन के लिए की जाने वाली खेती है ।

फलों (fruits) की खेती

भारत में हर घर में फल की खेती लगभग कर लेते ,इसलिए भारत में कहते है फल का ही घर है | भारत में आम, केला और सेब में अग्रणी उत्पादक है ,और विश्व में लगभग फल के उत्पादन का करीब 15 प्रतिशत भाग भारत से होता है।

भारत देश में कृषि कई तरीके से की जाती है

  • निर्वाह खेती (Subsistence Farming)
  • बागवानी कृषि (Horticulture Agriculture)
  • गहन कृषि (Intensive Farming)
  • स्थानांतरित कृषि (Shifting Agriculture)
  • व्यापक कृषि (Extensive Agriculture)
  • वाणिज्यिक कृषि (Commercial Agriculture)
  • सूखी भूमि खेती (Dryland Farming)

हरियाणा कृषि विभाग हेल्पलाइन नंबर

हरियाणा किसानों को पोर्टल पर संपर्क सूत्र (Fasal Haryana Helpline Number) का प्रयोग कर सकते है।

टोल फ्री नंबर: 1800-1802117, 18001802060

फ़ोन नंबर: 0172-2571553, 2571544, 0172-2563242

Gmail : hsamb.helpdesk@gmail.com , mfmb-agri@hry.gov.in,

पता: कृषि भवन,सेक्टर-21,पंचकूला-134117

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